एनयूजे का बड़ा एक्शन : झूठी खबरों पर उत्तराखंड के  कई जिलों में भूपेश छिमवाल के खिलाफ पुलिस में दर्ज हुई शिकायत

  • संगठन की कोर्ट जाने की भी तैयारी
  • न्यूज़ पोर्टल संचालक पर, संगठन को बदनाम करने का आरोप
  • उत्तराखंड के प्रमुख पत्रकार संगठन नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (एनयूजे) ने तथाकथित वेब न्यूज़ पोर्टल newsworld24india.com और उसके संचालक भूपेश छिमवाल द्वारा निराधार, झूठी और भ्रामक खबरे प्रकाशित करने के मामले कड़ा रुख अपनाया है। संगठन ने यूनियन और उसके पदाधिकारियों की छवि खराब कर उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाते हुए छिमवाल को पत्रकारिता का कलंक बताया है। और कहा है कि पीत पत्रकारिता के जरिये संस्था को बदनाम और समाज को प्रदूषित करने वाले तथाकथित फेसबुकिया पत्रकार को सबक सिखाने के लिए संगठन हरसंभव कार्रवाई करेगा।
  • राज्य के कई जिलों में दर्ज हुई शिकायत
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  • एनयूजे की विभिन्न जिला इकाइयों ने उत्तराखंड के कई थानों में भूपेश छिमवाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। संगठन ने मांग की है कि आरोपी और उसके वेब पोर्टल पर त्वरित व सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर रोक लग सके। साथ ही संगठन ने न्यायालय में अलग से मानहानि का केस दायर करने की भी घोषणा की है।
  • रंगदारी मांगने का मामला पहले से है दर्ज
  • भूपेश छिमवाल और अन्य के  खिलाफ रुद्रपुर (उधमसिंह नगर) में 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का मुकदमा पहले से ही दर्ज है। यह मामला कथित रूप से अडानी एनर्जी सॉल्यूशन लिमिटेड के सर्किल हेड हरीश तिवारी द्वारा दर्ज कराया गया है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत जबरन वसूली, आपराधिक धमकी, आपराधिक साजिश,गलत तरीके से रोकना , स्वेच्छा से चोट पहुंचाना और शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करने जैसे आरोप दर्ज है।
  • न्यायालय में चल रहा है मानहानि का मुकदमा
  • एनयूजे के अनुसार,  भूपेश छिमवाल के खिलाफ भ्रामक और झूठी खबरें प्रकाशित कर संगठन के अध्यक्ष और संस्था को बदनाम कर छवि खराब करने का एक मानहानि का एक मुकदमा  पहले से ही धारा 499/500 के अंतर्गत  पिछले दो वर्षों से हरिद्वार न्यायालय में चल रहा है।
  • अब महिला पत्रकारों ने भी खोला मोर्चा
  • हालिया घटनाक्रम में इसी महीने दो वरिष्ठ महिला पत्रकारों एनयूजे की प्रदेश अध्यक्ष दया जोशी और हरिद्वार की जिलाध्यक्ष सुदेश आर्या ने अलग-अलग जिलों में भूपेश छिमवाल के खिलाफ पुलिस को तहरीर सौंपी है। आरोप है कि एक आपराधिक घटना को साजिशन संगठन से जोड़कर पेश किया गया और आरोपी व्यक्ति को झूठे तौर पर एनयूजे का पदाधिकारी बताया गया।
  • प्रदेश भर में अभी तक दर्ज हुयी नामजद शिकायतें
  • •     नैनीताल जिले के मुखानी थाने में प्रदेश अध्यक्ष दया जोशी ने दी तहरीर
  • •     अल्मोड़ा में प्रदेश महासचिव गोपालदत्त गुरुरानी द्वारा पुलिस से की शिकायत
  • •     पौड़ी में जिलाध्यक्ष जसपाल नेगी ने एफआईआर के लिए पुलिस को सौंपी तहरीर
  • •     हरिद्वार के सिडकुल थाने में जिलाध्यक्ष सुदेश आर्या ने पुलिस से की शिकायत
  • •     इसी जनपद के कनखल थाने में तहरीर लेकर पहुंचे प्रदेश  कार्य. सदस्य प्रमोद कुमार

मनगढ़ंत और भ्रामक खबरें, पत्रकारिता के नैतिक पतन की पराकाष्ठा : दया जोशी

संगठन की प्रदेश अध्यक्ष दया जोशी ने तीखे शब्दों में कहा कि भूपेश छिमवाल द्वारा बार-बार झूठी, मनगढ़ंत और भ्रामक खबरें प्रकाशित करना न केवल पत्रकारिता की मर्यादाओं का खुला उल्लंघन है, बल्कि यह जनता के विश्वास के साथ किया गया गंभीर अपराध है। ऐसी तथाकथित पत्रकारिता, जिसका उद्देश्य केवल सनसनी फैलाना, अफवाहों को हवा देना और किसी व्यक्ति या संस्था की छवि को जानबूझकर धूमिल करना हो, समाज को गुमराह करने की सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि बिना किसी तथ्य-जांच (Fact-check) के और दुर्भावनापूर्ण मानसिकता से परोसी जा रही सूचनाएँ पत्रकारिता के नैतिक पतन की पराकाष्ठा हैं, जो सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुँचाने के साथ-साथ अराजकता और अविश्वास का विषैला माहौल पैदा करती हैं। संगठन ऐसी गैर-जिम्मेदार और भ्रामक पत्रकारिता की कड़े शब्दों में निंदा करता है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करता है।

भ्रामक रिपोर्टिंग से जनता को गुमराह किया : गुरूरानी

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प्रदेश महासचिव गोपालदत्त गुरूरानी ने कहा कि झूठे, असत्य एवं निराधार आरोप लगाकर भ्रामक समाचारों का प्रकाशन करना भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत मानहानि का स्पष्ट अपराध है। बिना किसी तथ्यात्मक पुष्टि, साक्ष्य अथवा तथ्य-जांच के दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य से प्रकाशित की गई ऐसी सामग्री न केवल पदाधिकारियों, सदस्यों और संस्था की सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुँचाती है, बल्कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों का भी उल्लंघन करती है। इस प्रकार की जानबूझकर की गई भ्रामक रिपोर्टिंग से जनता को गुमराह किया जाता है, सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होती है और समाज में अविश्वास का वातावरण उत्पन्न होता है। भूपेश छिमवाल का कृत्य कानूनन दंडनीय है तथा इसके लिए जिम्मेदार तथाकथित पत्रकार के विरूद्ध हम विधिसम्मत हरसंभव वह कार्रवाई करेंगे, जो स्वच्छ पत्रकारिता और संगठन के साथ देश और समाज हित में हो।

  • अनुशासनहीनता और अनियमितताओं के आरोप में था निष्कासित
  • एनयूजे के अनुसार, उत्तराखण्ड के उधमसिंहनगर जनपद अंतर्गत रूद्रपुर के भूरारानी निवासी भूपेश छिमवाल तीन वर्ष पूर्व संगठन से जुड़ा था और उसने स्वच्छ पत्रकारिता के बड़े-बड़े दावे किए थे। लेकिन बाद में उसकी गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं तो संगठन ने उसे छह महिने के भीतर ही बाहर का रास्ता दिखा दिया। यह कार्यवाई दसके द्वारा वर्ष 2023 में 5 लाख 20 हजार रुपये मूल्य की कूपन बुक और ब्लैंक रसीदें खुर्दबुर्द करने, वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी के साथ संगठनात्मक अनुशासन के विरूद्ध आचरण करने पर की गई। तभी से वह संगठन को बदनाम करने और नीचा दिखाने के अवसर की तलाश में रहता है।
  • ईर्ष्या और बदले की भावना से प्रकाशित करता है झूठे समाचार
  • एनयूजे का आरोप है कि निष्कासन के बाद से भूपेश छिमवाल संगठन और उसके पदाधिकारियों के खिलाफ ईर्ष्या और बदले की भावना से प्रेरित होकर झूठी खबरें प्रकाशित कर रहा है, जिससे संगठन की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
  • सुनियोजित आपराधिक साजिश
  • एनयूजे ने आरोप लगाया कि भ्रामक खबरें प्रकाशित करना एक सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र है, जिसका उद्देश्य संगठन की छवि धूमिल करना और समाज में नफरत व वैमनस्यता फैलाना है। संगठन का कहना है कि तथाकथित “फेसबुकिया पत्रकार” लगातार सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और भारतीय न्याय संहिता की मानहानि संबंधी धाराओं का उल्लंघन कर रहा है।
  • सरकार और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
  • नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ने राज्य सरकार और प्रशासन से मांग की है कि पत्रकारिता के नाम पर चल रहे अवैध और गैर-जिम्मेदाराना पोर्टलों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए, ताकि मीडिया की विश्वसनीयता और सामाजिक सौहार्द बना रहे।

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