नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ने ‘हौसलों की उड़ान’ आयोजित कर नेत्रहीन मेधावी विद्यार्थियों व दिव्यांग शिक्षकों का किया सम्मान

बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समा

संवाददाता -ठाकुर सुरेंद्र पाल सिंह

हरिद्वार।
दिव्यांगों के सम्मान, अधिकारों, कल्याण और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स द्वारा शुरू की गई ‘हौसलों की उड़ान’ मुहिम ने बुधवार को हरिद्वार में एक बार फिर प्रेरणा का अनूठा संदेश दिया। भूपतवाला स्थित स्वामी अजरानन्द अंध विद्यालय में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में 60 से अधिक नेत्रहीन विद्यार्थियों, अध्यापकों और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांगों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद नेत्रहीन बच्चों ने गीत-संगीत, कविता, नृत्य और प्रेरक भाषणों की मनोहारी प्रस्तुतियों से पूरे सभागार को भावविभोर कर दिया। प्रिंस और उसके साथियों द्वारा प्रस्तुत गीत ‘ये वक्त न ठहरा है…’ ने श्रोताओं की खूब सराहना बटोरी, जबकि अवनीश और उनके साथियों के विकलांग दिवस गीत पर पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। गौरव, विश्व विजय, मोहित, विवेक और आर्यन की प्रस्तुतियों ने भी सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। शिवालिक नगर की कु. नीति का नृत्य विशेष आकर्षण रहा।

कार्यक्रम के दौरान ब्रेल लिपि में आयोजित विगत वार्षिक परीक्षाओं में प्राइमरी, जूनियर हाई स्कूल और हाई स्कूल वर्गों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
प्राइमरी वर्ग में कक्षा 2 के प्रिंस, अंश, रूद्र; कक्षा 3 के शक्ति, आदित्य, अरुण; कक्षा 4 के शिवशंकर, पीयूष, करन और कक्षा 5 के प्रशांत, अनीस एवं दीपांशु को पुरस्कृत किया गया।

जूनियर हाई स्कूल में कक्षा 6 के अमन, अक्षय, राजकुमार; कक्षा 7 के चंद्रमणि, नवजोत, प्रियांशु और कक्षा 8 के नरेंद्र, रामलखन तथा विदित्य को सम्मान मिला।

हाई स्कूल वर्ग में कक्षा 9 के सूरज, राकेश और आदित्य तथा कक्षा 10 के वीरपाल, आयुष और सौरभ को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। यूनियन द्वारा सभी दिव्यांग विद्यार्थियों को गर्म स्वेटर भी वितरित किए गए।

कार्यक्रम में नेत्रहीन अध्यापक जगदीश प्रसाद, कुमेर, राकेश जोशी, उमाशंकर, सूरज वर्मा और पवन सक्सेना को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। दिव्यांग पत्रकार प्रभाष भटनागर तथा दिव्यांगों की सेवा में जुटे स्वामी स्वयंमानन्द और प्रधानाचार्य पवन कुमार शर्मा को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

अजर धाम के अधिष्ठाता स्वामी स्वयंमानन्द ने कहा कि विद्यालय उन नेत्रहीन बच्चों का घर है जिनके माता-पिता नहीं हैं और जिनके भरण-पोषण की कोई व्यवस्था नहीं। संस्था ऐसे बच्चों को निःशुल्क आवास, भोजन और शिक्षा उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रही है। उन्होंने भविष्य में दिव्यांगों के लिए महाविद्यालय की स्थापना का संकल्प भी व्यक्त किया।

कार्यक्रम में उत्तराखण्ड पारिस्थितिकीय पर्यटन सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश जमदग्नि ने दिव्यांग विद्यार्थियों के उत्साह, प्रतिभा और संघर्षशीलता की प्रशंसा करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि ‘हौसलों की उड़ान’ पत्रकारों द्वारा चलाया गया अपनी तरह का अनूठा और सराहनीय कार्यक्रम है।

समाजसेवी एवं जिला उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष डॉ. विशाल गर्ग ने कहा कि विकलांगता शरीर की नहीं, मन की होती है। ईश्वर दिव्यांगों को विशेष क्षमताओं से संपन्न बनाता है, इसलिए उन्हें कभी खुद को कमजोर नहीं समझना चाहिए।

यूनियन के संरक्षक त्रिलोक चन्द्र भट्ट ने ‘हौसलों की उड़ान’ मुहिम की बारह वर्ष की यात्रा और इसके सामाजिक प्रभाव पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

कार्यक्रम में यूनियन की जिलाध्यक्ष सुदेश आर्या, महासचिव मुकेश कुमार सूर्या, सुनील कुमार शर्मा, धनसिंह बिष्ट, प्रमोद कुमार पाल, हिमांशु भट्ट, नवीन चन्द्र पांडेय, विनोद चौहान, सूर्या सिंह राणा, भगवती प्रसाद गोयल, पंकज सेठी, धीरेन्द्र सिंह रावत, राहुल शर्मा और संस्कृति स्कूल की डायरेक्टर दिव्या पंजवानी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

सभी अतिथियों का स्वागत यूनियन के पदाधिकारियों ने किया। कार्यक्रम का सफल संचालन महासचिव मुकेश कुमार सूर्या ने किया। कार्यक्रम उपरांत सभी दिव्यांगों के लिए स्नेहभोज की व्यवस्था की गई, जिसके साथ यह प्रेरणादायी समारोह सम्पन्न हुआ।

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